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Bhagwat Navneet By Pujya Ramchandra Dongre Ji Maharaj | भागवत नवनीत - पूज्य डोंगरे जी महाराज

मूर्धन्य कथाव्यास पूज्य डोंगरे जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित श्रीमद्भागवत महापुराण का परम पावन दिव्य सार। (The spiritual essence and heartfelt nectar of Shrimad Bhagavat teachings by the legendary saint Pujya Dongre Ji Maharaj.)

₹230.00

श्रीमद्भागवत के अद्वितीय मर्मज्ञ और जन-जन के प्रिय संत परम श्रद्धेय पूज्य श्री रामचंद्र डोंगरे जी महाराज द्वारा विवेचित "भागवत नवनीत" अध्यात्म जगत की एक अत्यंत अनमोल कृति है। डोंगरे जी महाराज की कथा शैली की यह विशेषता थी कि वे भागवत के गूढ़ और दार्शनिक प्रसंगों को भी सीधे श्रोताओं और पाठकों के हृदय में उतार देते थे। यह पुस्तक उनके उसी दिव्य ज्ञान और वैराग्यमयी वाणी का प्रामाणिक संकलन (मक्खन) है।

इस ग्रंथ में भागवत महापुराण के मुख्य सिद्धांतों, भक्ति-रस, और नीति-नियमों को बहुत ही व्यावहारिक और भावपूर्ण शैली में पिरोया गया है, जो पाठक के मन में तुरंत ही ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम जाग्रत करता है।

इस पावन पुस्तक की मुख्य विशेषताएँ:

  • पूज्य डोंगरे जी की दिव्य वाणी का सार: महाराज जी द्वारा कथाओं के दौरान दिए गए मर्मस्पर्शी उपदेशों और जीवन-दर्शन का सुंदर संग्रह।

  • भावपूर्ण और सरल विवेचन: भगवान श्री कृष्ण की बाल-लीलाओं, गोपी-प्रेम और उद्धव-संवाद जैसी परम पावन कथाओं का अत्यंत भावुक व हृदयस्पर्शी वर्णन।

  • व्यावहारिक जीवन की सीख: गृहस्थ जीवन में रहते हुए विकारों से कैसे बचें और अपनी दिनचर्या को साधना कैसे बनाएँ, इसका अद्भुत मार्गदर्शन।

  • सुबोध और रसभरी भाषा: इसकी सरल भाषा शैली पाठकों को सीधे श्रीमद्भागवत के दिव्य रस और शांति का अनुभव कराती है।