Ishadi Nau Upanishad With Shankara Bhashya | ईशादि नौ उपनिषद् (सटीक एवं प्रामाणिक - गीताप्रेस गोरखपुर)

भगवान आदिशंकराचार्य कृत 'शङ्करभाष्य' के हिंदी अनुवाद सहित; सनातन धर्म के ९ प्रमुख उपनिषदों, आत्मज्ञान और ब्रह्मविद्या का सबसे प्रामाणिक मूल महाग्रंथ। (The ultimate spiritual masterpiece featuring nine major ancient

₹300.00

सनातन वैदिक संस्कृति, वेदान्त दर्शन और आत्मज्ञान का साक्षात् जाग्रत शिखर है "ईशादि नौ उपनिषद्" (Ishadi Nau Upanishad Hindi Book)। विश्वप्रसिद्ध गीताप्रेस, गोरखपुर (Gita Press Gorakhpur) द्वारा प्रकाशित यह पावन ग्रंथ सनातन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन ९ उपनिषदों का एक अत्यंत प्रामाणिक संग्रह है। इस महान ग्रंथ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें वैदिक ऋषियों की मूल वाणियों के साथ-साथ अद्वैत वेदान्त के प्रवर्त्तक भगवान आदिशंकराचार्य जी कृत 'शङ्करभाष्य' का अत्यंत सरल, सुबोध और प्रवाहमयी हिंदी अनुवाद दिया गया है।

आज के इस आधुनिक, अत्यधिक व्यस्त और मानसिक भटकाव वाले युग में, जहाँ मनुष्य तनाव, डिप्रेशन और आंतरिक शून्यपन से जूझ रहा है, यह महाग्रंथ बुद्धि को सात्विक विवेक और अंतःकरण को अखंड शांति देने वाली साक्षात् संजीवनी है। इस पुस्तक के माध्यम से कठिन से कठिन वेदान्त सूत्र और उपनिषदों के रहस्यमयी सत्य एक साधारण पाठक, साधक और आज की युवा पीढ़ी को भी वैज्ञानिक व तार्किक ढंग से आसानी से समझ में आ जाते हैं।

🔑 इस ग्रंथ में समाहित ९ प्रमुख उपनिषद् (9 Core Upanishads Included):

यह पुस्तक वेदों के ज्ञानकाण्ड के अंतर्गत आने वाले निम्नलिखित ९ कालजयी उपनिषदों के मूल श्लोकों और उनके भाष्य को समाहित करती है:

  1. ईशावास्योपनिषद् (Ishavasya Upanishad): कर्म, ज्ञान और ईश्वर की सर्वव्यापकता का अद्भुत सूत्र।

  2. केनोपनिषद् (Kena Upanishad): उस परम चेतना (ब्रह्म) का अन्वेषण, जिससे हमारी इंद्रियाँ और मन संचालित होते हैं।

  3. कठोपनिषद् (Katha Upanishad): यमराज और नचिकेता का अमर संवाद, जो मृत्यु के रहस्य और आत्मतत्त्व को उजागर करता है।

  4. प्रश्नोपनिषद् (Prashna Upanishad): ६ ऋषियों के छह गूढ़ प्रश्नों के माध्यम से प्राण और सृष्टि के रहस्यों का उद्घाटन।

  5. मुण्डकोपनिषद् (Mundaka Upanishad): सत्यमेव जयते का मूल स्रोत; परा और अपरा विद्या तथा ब्रह्मज्ञान का मार्ग।

  6. माण्डूक्योपनिषद् (Mandukya Upanishad): 'ॐ' (ओम्)कार की चार अवस्थाओं (जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति, तुरीय) का सबसे सूक्ष्म विवेचन।

  7. तैत्तिरीयोपनिषद् (Taittiriya Upanishad): शिक्षावल्ली, ब्रह्मानन्दवल्ली और भृगुवल्ली के माध्यम से पंचकोश और सदाचार का उपदेश।

  8. ऐतरेयोपनिषद् (Aitareya Upanishad): सृष्टि की उत्पत्ति और आत्मा के वास्तविक स्वरूप का दार्शनिक दर्शन।

  9. श्वेताश्वतरोपनिषद् (Shvetashvatara Upanishad): सांख्य, योग और परमेश्वर की भक्ति का सुंदर समन्वय।

🎯 यह पुस्तक आपके स्टोर और पुस्तकालय के लिए क्यों अनिवार्य है?

  • शङ्करभाष्य सहित परम प्रामाणिक: बिना भाष्य के उपनिषदों के रहस्यों को समझना अत्यंत कठिन है। आदिशंकराचार्य जी की टीका (Commentary) इस ग्रंथ को ज्ञान मार्ग का सबसे अचूक मार्गदर्शक बनाती है।

  • सर्वोत्तम आध्यात्मिक उपहार (Spiritual Gifting): संन्यास-दीक्षा, यज्ञ-अनुष्ठान, ज्ञान-यज्ञ, विवाह, जन्मदिन, गृह-प्रवेश या अपने पूजनीय माता-पिता व ज्ञानपिपासु मित्रों के स्वाध्याय के लिए इससे कल्याणकारी, मूल्यवान और अर्थपूर्ण उपहार दूसरा कोई नहीं हो सकता।

यदि आप वेदों के वास्तविक मर्म को समझना चाहते हैं, संसार के दुखों से परे अखंड आत्मिक आनंद (Divine Bliss) का अनुभव करना चाहते हैं और भारतीय दर्शन के मूल से जुड़ना चाहते हैं, तो "ईशादि नौ उपनिषद् (सटीक शङ्करभाष्य सहित)" को आज ही अपने घर, पूजा-घर और व्यक्तिगत पुस्तकालय (Personal Library) का सर्वोच्च गौरव अवश्य बनाएं।


Keywords: Ishadi Nau Upanishad Book, Ishadi Nau Upanishad Gita Press, Shankara Bhashya Hindi Translation, 9 Major Upanishads Hindi Book, Gita Press Gorakhpur Books Online, Advaita Vedanta Philosophy Hindi, Spiritual Books for Self Realization, Krishna Bhakti Store Books, Best Spiritual Books for Daily Reading, Sanatan Dharma Upanishad Guide, ईशादि नौ उपनिषद् गीताप्रेस, शङ्करभाष्य सहित उपनिषद्, धार्मिक पुस्तकें ऑनलाइन।


🚚 डिलीवरी और रिटर्न संबंधी त्वरित जानकारी (Quick Store Info)

  • सुरक्षित एवं तीव्र डिलीवरी: आपके द्वारा ऑर्डर सबमिट करने के बाद इस पावन ग्रंथ को 5 से 7 दिनों (5-7 Days) के भीतर आपके दिए गए पते पर पूरी सुरक्षा और उत्तम पैकिंग के साथ डिलीवर कर दिया जाएगा।

  • 7 दिनों की आसान वापसी (7 Days Return Policy): यदि पुस्तक में मुद्रण (Printing) की कोई त्रुटि पाई जाती है, पन्ने फटे होते हैं या पार्सल को कोई क्षति पहुँचती है, तो आप डिलीवरी के 7 दिनों के भीतर इसे बिना किसी परेशानी के वापस या एक्सचेंज कर सकते हैं।