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Janam-Maran Se Chutkara By Jayadayal Goyandka | जन्म-मरण से छुटकारा (Gita Press)

परम श्रद्धेय श्री जयदयाल गोयन्दका जी द्वारा वेदों, उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता के आलोक में विवेचित मोक्ष, आत्म-कल्याण और मुक्ति का दिव्य मार्ग।

₹15.00

गीता प्रेस, गोरखपुर (Gita Press Gorakhpur) द्वारा प्रकाशित "जन्म-मरण से छुटकारा" सनातन धर्म, दर्शन और साधना के मार्ग पर चलने वाले प्रत्येक जिज्ञासु के लिए एक परम आवश्यक, दुर्लभ और जीवन बदलने वाला ग्रंथ है। इस पावन पुस्तक के रचयिता गीता प्रेस के आदि संस्थापक परम श्रद्धेय श्री जयदयाल गोयन्दका जी (सेठजी) हैं। उन्होंने अपने जीवन भर के गहन साधना-अनुभव और श्रीमद्भगवद्गीता (Bhagavad Gita), उपनिषदों व पुराणों के गुप्त मर्म को मथकर जीवन-मुक्ति (Liberation) के वास्तविक और सुगम उपायों को इस पुस्तक में समाहित किया है।

सनातन संस्कृति में मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य 'मोक्ष' यानी जन्म और मृत्यु के इस अंतहीन चक्र से मुक्ति पाना माना गया है। आज के इस आधुनिक, तनावपूर्ण और अत्यधिक भौतिकवादी युग में, जहाँ मनुष्य क्षणिक सांसारिक सुखों में उलझकर अपने वास्तविक लक्ष्य को भूल गया है, यह पुस्तक आत्मा को जगाने वाले एक प्रकाश-स्तंभ की तरह कार्य करती है। श्रद्धेय सेठजी ने इसमें बहुत ही तार्किक और प्रामाणिक ढंग से समझाया है कि जीते-जी इस संसार के बंधनों से कैसे मुक्त हुआ जा सकता है।

🔑 पुस्तक के मुख्य विषय और आध्यात्मिक लाभ (Core Highlights):

  • मुक्ति और मोक्ष का वास्तविक स्वरूप: इस ग्रंथ में बहुत ही सरल भाषा में समझाया गया है कि जन्म-मरण के चक्र से छूटने का वास्तविक अर्थ क्या है और एक साधारण गृहस्थ अपने पारिवारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए इस सर्वोच्च अवस्था को कैसे प्राप्त कर सकता है।

  • भगवद्प्राप्ति और शरणागति के उपाय: भगवान के प्रति पूर्ण आत्मसमर्पण (Absolute Surrender), नाम-जप (Chanting), और निष्काम कर्मयोग के माध्यम से अंतःकरण में ठाकुर जी के चरणों के प्रति अनन्य प्रीति जगाने के अचूक सूत्र।

  • 傷तःकरण की शुद्धि और विकारों का नाश: मानव मन को भटकाने वाले और बार-बार जन्म के चक्र में धकेलने वाले मुख्य दोषों—जैसे काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या और अहंकार—को जड़ से समाप्त करने का दिव्य मार्गदर्शन।

  • साधकों के लिए अमूल्य शंका-समाधान: साधना मार्ग पर आगे बढ़ते समय मन में उठने वाले विभिन्न व्यावहारिक प्रश्नों, मृत्यु के भय, दुविधाओं और बाधाओं का शास्त्रों के आधार पर सटीक और तार्किक निवारण।

🎯 यह पुस्तक आपके स्टोर और पुस्तकालय के लिए क्यों अनिवार्य है?

  • सरल, सुबोध और स्पष्ट हिंदी शैली: कठिन से कठिन दार्शनिक रहस्यों को बेहद आसान हिंदी गद्य (Hindi Prose) और बड़े, स्पष्ट अक्षरों में मुद्रित किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी से लेकर बुजुर्गों तक सभी पाठक इसे सहजता से समझ और आत्मसात कर सकें।

  • सर्वोत्तम आध्यात्मिक उपहार (Spiritual Gifting): किसी भी मांगलिक अवसर, विवाह, जन्मदिन, गृह-प्रवेश या पूजा-अनुष्ठान के समय अपने मित्रों और प्रियजनों को एक श्रेष्ठ, अर्थपूर्ण और जीवन बदलने वाला उपहार देने के लिए यह पुस्तक सर्वोत्तम विकल्प है।

यदि आप संसार के कोलाहल, चिंताओं और जन्म-मृत्यु के चक्र से ऊपर उठकर साक्षात् परमानंद, अविचल शांति और ठाकुर जी के चरणों में शाश्वत स्थान पाना चाहते हैं, तो "जन्म-मरण से छुटकारा" को आज ही अपने घर, पूजा-घर और व्यक्तिगत पुस्तकालय (Personal Library) का हिस्सा अवश्य बनाएं।


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