Kurma Purana Hindi Edition By Gita Press | श्री कूर्म पुराण (सचित्र एवं प्रामाणिक - गीताप्रेस गोरखपुर)

भगवान श्री हरि विष्णु के पावन 'कूर्म (कछुआ) अवतार', समुद्र-मंथन की दिव्य कथा, ईश्वर गीता और तत्वज्ञान का सचित्र संपूर्ण हिंदी अनुवाद महाग्रंथ। (The sacred and highly comprehensive edition of Shrimad Kurma Purana by Gita Press

₹200.00

गीता प्रेस, गोरखपुर (Gita Press Gorakhpur) द्वारा प्रकाशित "श्रीमत्कूर्मपुराण" (Shrimad Kurma Purana Hindi Book) सनातन धर्म के 18 महापुराणों में एक अत्यंत पावन, दार्शनिक और अलौकिक ग्रंथ है। जब क्षीरसागर में देवताओं और असुरों द्वारा समुद्र-मंथन किया जा रहा था, तब मंदराचल पर्वत को डूबने से बचाने और उसे आधार देने के लिए सर्वशक्तिमान भगवान श्री हरि विष्णु ने विशाल 'कूर्म अवतार' (कछुआ रूप) धारण किया था। यह पवित्र पुराण मुख्य रूप से भगवान कूर्म और देवराज इंद्र, राजा इन्द्रद्युम्न तथा ऋषियों के बीच हुए अत्यंत गूढ़, आध्यात्मिक और रहस्यमयी संवादों पर आधारित है।

आज के इस आधुनिक, अत्यधिक तनावपूर्ण और भौतिकवादी युग में, जहाँ मनुष्य मानसिक चिंताओं, भटकाव और जीवन के वास्तविक मूल्यों से दूर होता जा रहा है, यह महाग्रंथ आत्मा को सन्मार्ग, सत्य और परम शांति दिखाने वाले प्रकाश-स्तंभ की तरह कार्य करता है। गीता प्रेस की प्रामाणिकता के अनुसार, इसमें मूल संस्कृत श्लोकों के गूढ़ मर्म को अत्यंत सरल, सुबोध और प्रवाहमयी हिंदी भाषा में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण गृहस्थ पाठक और आज की युवा पीढ़ी भी इसके अद्भुत ज्ञान को आसानी से समझ सके।

🔑 पुस्तक के मुख्य विषय और आध्यात्मिक लाभ (Core Highlights):

  • कूर्म अवतार और समुद्र-मंथन का रहस्य: भगवान विष्णु द्वारा कच्छप रूप धारण करने का वास्तविक कारण, समुद्र-मंथन से निकले 14 रत्नों का आध्यात्मिक महत्व और देवताओं की रक्षा की दिव्य कथा।

  • 'ईश्वर गीता' और 'व्यास गीता' का समावेश: इस पुराण के भीतर समाहित 'ईश्वर गीता' में भगवान शिव द्वारा दिया गया अनमोल आत्मज्ञान और योग-दर्शन का उपदेश है, जो भगवद्गीता की तरह ही साधकों के लिए अत्यंत कल्याणकारी है।

  • हरि और हर का अभेद संबंध: कूर्मपुराण सनातन धर्म के वैष्णव और शैव मतों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है। इसमें भगवान विष्णु और भगवान शिव की महिमा को एक-दूसरे के पूरक के रूप में दर्शाया गया है।

  • भूगोल, खगोल और पावन तीर्थ: ब्रह्मांड की उत्पत्ति, विभिन्न लोकों की स्थिति, भारतवर्ष के जाग्रत तीर्थों (विशेषकर प्रयाग और काशी) की महिमा तथा पवित्र नदियों का विस्तृत भौगोलिक व धार्मिक वर्णन।

  • सदाचार और वर्णाश्रम धर्म: मानव जीवन के कर्तव्य, दान की महिमा, श्राद्ध कर्म और व्यावहारिक जीवन में पाप कर्मों से बचकर सात्विक जीवन कैसे जिएं, इसका अनमोल मार्गदर्शन।

  • सचित्र संस्करण (Vibrant Artwork): इस पावन ग्रंथ में भगवान कूर्म और अन्य पौराणिक प्रसंगों के अत्यंत सुंदर, भावपूर्ण और दुर्लभ रंगीन चित्र शामिल हैं, जो दर्शन मात्र से ही मन में श्रद्धा जगाते हैं।

🎯 यह पुस्तक आपके स्टोर और पुस्तकालय के लिए क्यों अनिवार्य है?

  • स्पष्ट मुद्रण और सुंदर आवरण: पुस्तक को बहुत ही सुंदर, आकर्षक और मजबूत कवर के साथ बड़े व स्पष्ट अक्षरों में मुद्रित किया गया है, ताकि नियमित स्वाध्याय (Daily Reading) करते समय आँखों पर जोर न पड़े।

  • सर्वोत्तम आध्यात्मिक उपहार (Spiritual Gifting): किसी भी मांगलिक अवसर, यज्ञ-अनुष्ठान, विवाह, जन्मदिन, गृह-प्रवेश या पूजनीय माता-पिता व मित्रों के स्वाध्याय के लिए इससे कल्याणकारी और अर्थपूर्ण उपहार दूसरा कोई नहीं हो सकता।

यदि आप अपने घर के वातावरण को शुद्ध व सकारात्मक बनाना चाहते हैं, सृष्टि के प्राचीन रहस्यों को जानना चाहते हैं और भगवान के श्रीचरणों में अविचल प्रीति व ज्ञान पाना चाहते हैं, तो "श्रीमत्कूर्मपुराण (Hindi Edition)" को आज ही अपने घर, पूजा-घर और व्यक्तिगत पुस्तकालय (Personal Library) का गौरव अवश्य बनाएं।


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