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Varaha Puran Gita Press SANKSHIPT | संक्षिप्त श्रीवराहपुराण (सचित्र एवं प्रामाणिक - गीताप्रेस गोरखपुर)
भगवान श्री हरि विष्णु के तीसरे पावन 'वराह अवतार' की कथाओं, दिव्य उपदेशों, पृथ्वी उद्धार के रहस्यों और परम कल्याणकारी व्रतों का सचित्र संपूर्ण हिंदी अनुवाद। (The sacred and highly comprehensive edition of the Shri Varaha Purana by Gita Press
₹170.00
गीता प्रेस, गोरखपुर (Gita Press Gorakhpur) द्वारा प्रकाशित "संक्षिप्त श्रीवराहपुराण" (Shri Varaha Puran Hindi Book) सनातन धर्म के १८ महापुराणों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण, जाग्रत और अलौकिक ग्रंथ है। जब हिरण्याक्ष नामक दैत्य ने पृथ्वी को ले जाकर समुद्र के गर्त में छुपा दिया था, तब संपूर्ण सृष्टि की रक्षा के लिए सर्वशक्तिमान भगवान श्री हरि विष्णु ने 'वराह अवतार' (शकर रूप) धारण किया था। यह पावन पुराण मुख्य रूप से भगवान वराह और पृथ्वी देवी के बीच हुए अत्यंत सुंदर, ज्ञानवर्धक और रहस्यमयी संवादों पर आधारित है।
आज के इस आधुनिक, अत्यधिक अशांत और भौतिकवादी युग में, जहाँ मनुष्य मानसिक चिंताओं, भटकाव और जीवन के वास्तविक मूल्यों से दूर होता जा रहा है, यह महाग्रंथ आत्मा को सन्मार्ग और परम शांति दिखाने वाले प्रकाश-स्तंभ की तरह कार्य करती है। गीता प्रेस की प्रामाणिकता के अनुसार, इसमें मूल संस्कृत श्लोकों के गूढ़ मर्म को अत्यंत सरल, सुबोध और प्रवाहमयी हिंदी भाषा में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण गृहस्थ पाठक और युवा पीढ़ी भी इसे आसानी से समझ सकें।
🔑 पुस्तक के मुख्य विषय और आध्यात्मिक लाभ (Core Highlights):
वराह अवतार और पृथ्वी उद्धार की कथा: भगवान विष्णु द्वारा वराह रूप धारण करने का वास्तविक कारण, हिरण्याक्ष वध और समुद्र से पृथ्वी को निकालकर पुनः स्थापित करने का सजीव पौराणिक और दार्शनिक वर्णन।
दिव्य संवाद और तत्वज्ञान: माता पृथ्वी द्वारा पूछे गए जटिल प्रश्नों पर भगवान वराह द्वारा दिए गए अत्यंत सरल उपदेश, जिनमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और कर्मयोग का सार छिपा है।
व्रत, तीर्थ और अनुष्ठानों की महिमा: वर्ष भर आने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण व्रतों की प्रामाणिक विधियाँ, द्वादशी व्रत का महात्म्य और भारतवर्ष के गुप्त व पावन तीर्थों की दिव्य कथाएँ।
सदाचार और अंतःकरण की शुद्धि: व्यावहारिक जीवन में पाप कर्मों से बचकर सात्विक जीवन कैसे जिएं और भगवान के चरणों में अनन्य शरणागति कैसे प्राप्त करें, इसका अनमोल मार्गदर्शन।
दुर्लभ रंगीन चित्र (Vivid Illustrations): इस संस्करण में भगवान वराह की विभिन्न लीलाओं के अत्यंत सुंदर, भावपूर्ण और दुर्लभ रंगीन चित्र शामिल हैं, जो दर्शन मात्र से ही आँखों और मन को परम तृप्ति प्रदान करते हैं।
🎯 यह पुस्तक आपके स्टोर और पुस्तकालय के लिए क्यों अनिवार्य है?
स्पष्ट मुद्रण और सुंदर आवरण: पुस्तक को बहुत ही सुंदर, आकर्षक और मजबूत हार्डबाउंड कवर के साथ बड़े व स्पष्ट अक्षरों में मुद्रित किया गया है, ताकि नियमित स्वाध्याय (Daily Reading) करते समय आँखों पर जोर न पड़े।
सर्वोत्तम आध्यात्मिक उपहार (Spiritual Gifting): किसी भी मांगलिक अवसर, यज्ञ-अनुष्ठान, विवाह, जन्मदिन, गृह-प्रवेश या पूजनीय माता-पिता व मित्रों के स्वाध्याय के लिए इससे कल्याणकारी और अर्थपूर्ण उपहार दूसरा कोई नहीं हो सकता।
यदि आप अपने घर के वातावरण को शुद्ध व सकारात्मक बनाना चाहते हैं, सृष्टि के प्राचीन रहस्यों को जानना चाहते हैं और भगवान विष्णु के श्रीचरणों में अविचल प्रीति पाना चाहते हैं, तो "संक्षिप्त श्रीवराहपुराण (Hindi Edition)" को आज ही अपने घर, पूजा-घर और व्यक्तिगत पुस्तकालय (Personal Library) का गौरव अवश्य बनाएं।
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